आत्मचिंतन

ये सवाल खुद के बारे में, अपने मूल्यों, भावनाओं और लक्ष्यों के बारे में सोचने तथा अपनी धारणाओं को सचेत रूप से पहचानने में मदद करते हैं। मुख्य ध्यान लंबे समय में चलने वाली प्रक्रियाओं, भीतरी दुनिया और मौजूदा स्थिति की समझ पर है। ये व्यापक सवाल हैं, सोचने के लिए समय माँगते हैं, अतीत, वर्तमान और भविष्य से जुड़े हैं और खुद से बातचीत को बढ़ावा देते हैं। खुद से संवाद करना सीखकर ही हम दूसरों के साथ संपूर्ण संवाद बना सकते हैं।
अपेक्षित असर:
अस्तित्व और दुनिया के बारे में अपना सुव्यवस्थित नज़रिया बनाना, मान्यताओं को सोच-समझकर चुनना और खुद पर भरोसा व आत्मविश्वास बढ़ाना।
इस हिस्से के सवालों के लिए समय, एकाग्रता और गहराई से विश्लेषण करने की तैयारी चाहिए।
लक्ष्य तय करने की प्रक्रिया में सहजता से उतरने के लिए ये खास तौर पर उपयोगी हैं, जैसे अगले साल की योजना बनाते समय, या कभी भी जब अपने भीतर झाँकने का मन हो।